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प्रस्तावना

 

का 1839 कि.मी. लंबा मार्ग है जिसमें दो पृथक खंड हैं: एक पश्चिम बंगाल में दानकुनी और उत्तर प्रदेश में खुर्जा के बीच 1392 कि.मी. का एक विद्युतीकृत दोहरी लाइन खंड है तथा पंजाब और उत्तर प्रदेश में लुधियाना (ढंढारीकलां) - खुर्जा - दादरी के बीच 447 कि.मी. का एक विद्युतीकृत इकहरी लाइन खंड है। वर्तमान गलियारे के साथ साथ स्थान की उपलब्धता न होने के कारण , गलियारे के संरेख्र्ण को चक्कर लेता हुआ करने के लिए घनी आबादी वाले शहरों जैसे मुगलसराय,इलाहाबाद, कानपुर,इटावा,फिरोजाबाद,टुंडला,बरहान,हाथरस,अलीगढ़,हापुड़,मेरठ,सहारनपुर,अंबाला, राजपुरासरहिंद,दोराहा,सानेवाल से बायपास कर दिया है। चूँकिआवश्यक नहीं है कि यातायात का उद्गम और गंतव्य डीएफसी पर हो,वर्तमान भारतीय रेलवे कोरीडोर से डीएफसी पर और डीएफसी से भारतीय रेलवे कोरीडोर पर यातायात स्थानांतरित करने के लिए बहुत से जंक्सन बनाने की भी योजना बनायी गई है जिनमे दानकुनी,आंदल,गोमोह,सोननगर,गंजख्वाजा,मुगलसराय, ज्ञेओनाथ्पुर,नैनी/चौकी,प्रेमपुर , भाउपुर , टुंडला ,दोडखान,खुर्जा,कलानौर, राजपुरा, सरहिंद और ढंढारीकलां शामिल हैं । निम्न तालिका प्रत्येक राज्य में से गुजरने वाली दूरी को दर्शाती है ।



पूर्वी कोरीडोर 6 राज्यों से होकर गुजरेगा और इसके यातायात के विभिन्न प्रवाहों को पूरा करने की योजना है जैसे पूर्वी कोयला क्षेत्रों से उ.प्र.के उत्तरी क्षेत्र ,दिल्ली, हरियाणा , पंजाब और राजस्थान के भागों में ऊर्जा संयंत्रों के लिए तैयार कोयला , तैयार स्टील , खाद्यान्न , सीमेंट , उर्वरक , पूर्व में स्टील प्लांटों के लिए राजस्थान से चूना पत्थर और सामान्य वस्तुएं। अप दिशा की ओर कुल यातायात 2021-2022 में बढ़कर 116 मि. टन होने का अनुमान है । इसी प्रकार डाउन दिशा के यातायात स्तर 2021-2022 में बढ़कर 28 मि. टन होने का अनुमान है । परिणामस्वरूप 2005-06 से बढ़ता हुआ यातायात 92 मि. टन तक पहुंच जाएगा । इस वृद्धि के एक महत्वपूर्ण भाग को डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर की ओर परिवर्तित किया जाएगा ।

पूर्वी डीएफसी एक चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित की जाएगी । विश्व बैंक के निधिकरण को तीन चरणों, खुर्जा-कानपुर के लिए एपीएल-1, कानपुर-मुगलसराय के लिए एपीएल-2 और खुर्जा-लुधियाना के लिए एपीएल-3 में लगाए जाने की योजना है । एपीएल-1 के लिए 975 मिलियन अमेरिकी डालर के ऋण के लिए ऋण करार विश्व बैंक और डीएफसीसीआईएल के बीच निष्पादित हो गया है ।

राइट्स की परियोजना रिपोर्ट के अनुसार आधार वर्ष (06-2005) के यातायात को छोड़कर जो यातायात पूर्वी डीएफसी पर स्थानांतरित किया जाएगा, होने प्रकार निम्न उसके का अनुमान है :-


पूर्वी डीएफसी पर यातायात अनुमान
(मि.टन/वर्ष)




उत्तर प्रदेश में कानपुर और पंजाब में लुधियाना में लोजिस्टिक पार्क बनाने का भी प्रस्ताव है । इन पार्कों को सार्वजनिक निजी भागीदारी आधार पर एक उप विशेष प्रयोजन संस्था द्वारा विकसित कराने का प्रस्ताव है । डीएफसीसी का उद्देश्य ऐसे पार्कों को रेल संपर्क से जोड़ना है और निजी व्यापारियों को कामन यूजर फेसिलिटी के रूप में आधुनिकतम अवसंरचना विकसित करने और उपलब्ध कराने के लिए कहा जाएगा ।

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