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प्रस्तावना

 

जेएनपीटी से दादरी तक बरास्ता वडोदरा-अहमदाबाद- पालनपुर- फुलेरा- रेवाड़ी दोहरी लाइन विद्युतीकृत (2x25केवी) ट्रैक की 1483 कि.मी. की दूरी तय करता है । इसके अतिरिक्त एक 32 कि.मी. लंबी इकहरी लाइन पीरथला जं. स्टेशन (‍दिल्ली-मथुरा लाइन पर असावटी के पास) से तुगलकाबाद को जोड़ने का भी प्रस्ताव है । दीवा, सूरत, अंमलेश्वर, भड़ुच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद, पालनपुर, फुलेरा और रेवाड़ी को छोडकर संरेखण वर्तमान लाइन के समानांतर रखा गया है ।



बहरहाल, रेवाड़ी से दादरी तक यह पूरे का पूरा एक नए संरेखण पर है । तुगलकाबाद आईसीडी से जोड़ने के लिए वर्तमान दिल्ली-मथुरा लाइन के समानांतर एक इकहरी लाइन पीरथला जं. स्टेशन (असावटी के पास) से तुगलकाबाद तक बिछाने का प्रस्ताव है । इसके अतिरिक्त पश्चिमी डीएफसी को दादरी पर पूर्वी डीएफसी से जोड़ने का प्रस्ताव है । वर्तमान रेलवे प्रणाली और पश्चिमी डीएफसी के बीच वसई रोड, कोसाद/गोठनगाम, मकरपुरा (वडोदरा), आमली रोड (साबरमती), पालनुपर, मारवाड़ जंक्शन, फुलेरा, रेवाड़ी और पीरथला रोड स्टेशनों पर जंक्शन स्टेशनों की व्यवस्था की गई है ।

पश्चिमी कोरीडोर पर यातायात मुख्यत: महाराष्ट्र में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट और मुंबई पोर्ट और गुजरात में पीपावाव, मुंदरा और कांडला पोर्टों से आईएसओ कंटेनर उठाकर उत्तर भारत में विशेषकर तुगलकाबाद, दादरी और ढंढारीकलां तक पहुंचाए जाएंगे । कंटेनरों के अतिरिक्त पश्चिमी डीएफसी पर ढोई जाने वाली अन्य वस्तुए हैं: पी ओ एल, उर्वरक, खाद्यान्न्, नमक, कोयला, लोहा, स्टील और सीमेंट । इसके अतिरिक्त अन्य वस्तुओं की तुलना में इसकी तीव्र विकास के चलते कंटेनर यातायात का हिस्सा बढ़ने और इसके 2021-22 तक 80% तक के स्तर तक पहुंचने की संभावना है । इस कोरीडोर पर कंटेनर यातायात का रेलवे हिस्सा 2005-06 में 0.69 मि. टीईयू से बढ़कर 2021-22 में 6.2 मि. टीईयू होने का अनुमान है । अन्य वस्तुओं के भी 2005-06 में 23 मि. टन से बढ़कर 2021-22 में 40 मि. टन होने का अनुमान है । इसके परिणाम स्वरूप अजमेर-पालनपुर सेक्शन पर 109 गाड़ियों के बढ़ने की संभावना है ।

मुंबई क्षेत्र में विशेषकर कल्याण-उल्हासनगर और नवीं मुंबई में वाशी-बेलापुर के निकट, दक्षिण गुजरात में वापी, गुजरात में अहमदाबाद, गुजरात के कच्छ क्षेत्र में गांधीधाम, राजस्थान में जयपुर और दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोजिस्टिक पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है । इन स्थानों का चयन यहां पर विविध उद्योगों के अच्छे केंद्रीकरण और बड़े-बड़े उत्पादन/उपभोग केंद्रों के निर्माण के कारण किया गया है । ये स्थान विभिन्न दिशाओं में सुविधाजनक आवाजाही के लिए रेल और सड़क यातायात से भी अच्छी तरह जुड़े हैं । इन पार्कों को सार्वजनिक निजी भागीदारी आधार पर एक उप विशेष प्रयोजन संस्था द्वारा विकसित करने का प्रस्ताव है । डीएफसीसी का उद्देश्य ऐसे पार्कों को रेल संपर्क से जोड़ना है और निजी व्यापारियों को कामन यूजर फेसिलिटी के रूप में आधुनिकतम अवसंरचना विकसित करने और उपलब्ध कराने के लिए कहा जाएगा ।

राइट्स की परियोजना रिपोर्ट के अनुसार आधार वर्ष (2005-06) के यातायात को छोड़कर जो यातायात पश्चिमी डीएफसी पर स्थानांतरित किया जाएगा, उसके निम्न प्रकार होने का अनुमान है:-


पश्चिमी डीएफसी पर यातायात अनुमान
(मि. टन/वर्ष)


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संरेखण विन्यास

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निविदा नीतियां



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